12 सितंबर 2011

धोखा

हमने खाया है हर कदम धोखा,
प्यार धोखा है और सनम धोखा,


उसके चेहरे का भोलापन धोखा,
उसकी ज़ुल्फ़ का पेचो ख़म धोखा,

उसके लबों का तबस्सुम धोखा,
उसके अश्कों का हरेक गम धोखा,

उसकी बातों का तलातुम धोखा,
उसकी खामोशियों का भ्रम धोखा,

उसने जो दिया है वो ज़ख्म धोखा,
और उस पर लगाया मरहम धोखा,

लगता है अब सारा आलम धोखा,
तू ही बता कैसे हो ख़त्म धोखा,

तेरी दुनिया का हर आदम धोखा,
तू भी खुद है,खुदा कसम, धोखा.

29 टिप्‍पणियां:

  1. उसने जो दिया है वो ज़ख्म धोखा,
    और उस पर लगाया मरहम धोखा,
    xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
    तेरी दुनिया का हर आदम धोखा,
    तू भी खुद है,खुदा कसम, धोखा.

    वाह क्या धोखा है
    शबनम भी धोखा
    शबाब भी धोखा
    nasha भी धोखा
    sharab भी धोखा
    jab sab धोखा है to fir use kyoun roka hai ?????

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  2. लगता है अब सारा आलम धोखा,
    तू ही बता कैसे हो ख़त्म धोखा,

    तेरी दुनिया का हर आदम धोखा,
    तू भी खुद है,खुदा कसम, धोखा.

    बेहद शानदार लाजवाब गज़ल ।
    ख़ूबसूरत रदीफ....काफिया... !

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  3. खूब....बहुत ही उम्दा ग़ज़ल है.....

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  4. विशाल भाई धोखे की एफ.आई.आर. दफा ४२०
    आई.पी.सी. के अंतर्गत दर्ज कराईए.
    धोखा न हुआ तो कार्यवाही अवश्य होगी.

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  5. अरे विशाल भाई!
    अगर इतना धोखा भरा है/था उसमें तो आप भी कमाल करते हैं.. सबको 'धो' और 'खा'!!
    एक कहावत है ना, जो छोडकर जाता है उसे जाने दो, अगर वो तुम्हारा है तो लौट कर ज़रूर आएगा और अगर वो लौट के नहीं आया तो वो तुम्हारा कभी था ही नहीं!!

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  6. सबसे बड़ा धोखा तो खुद खाया....दिल ने पहचाना ही नहीं....यानि अपना ही पुर्जा ढीला निकला...धोखा दे गया

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  7. धोखा ही दोखा है इस दुनिया में..........बहुत सुन्दर पोस्ट|

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  8. सुन्दर रचना , सुन्दर भावाभिव्यक्ति



    कृपया मेरे ब्लॉग पर भी पधारने का कष्ट करें .

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  9. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति आज के तेताला का आकर्षण बनी है
    तेताला पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से
    अवगत कराइयेगा ।

    http://tetalaa.blogspot.com/

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  10. सब तरफ धोखा ही धोखा है ..सही पहचाना ..सुन्दर प्रस्तुति....

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  11. आगे के लिए संभल जाएँ तो अच्छा है ......

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  12. इस उम्र में धोखा ही धोखा होता है । पर कोई बात नहीं , यह दौर भी गुजर जायेगा ।

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  13. shaandaar dhokha...
    तेरी दुनिया का हर आदम धोखा,
    तू भी खुद है,खुदा कसम, धोखा.

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  14. "उसने जो दिया है वो ज़ख्म धोखा,
    और उस पर लगाया मरहम धोखा,"

    सही कहा....
    बेहतरीन शेर...

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  15. ओह ! लगता है जो मै कमेंट्स लिख रहा हूँ वो भी धोखा है !! माफ़ करें भाई मेरे सत्य वचन !!

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  16. उनकी हर शे दोखा ... वो खुद ही छलावा ... बहुत कमाल के धोखे खाए हैं उनकी अदा से ...

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  17. माने या न माने ...धोखा में ही तो सबकुछ है. अगर ये नहीं होता तो आप इतनी बड़ी दुनिया में क्या खोजते...

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  18. lagti hai har baat kyu dhoka
    kyu nahi ho band ye dhoka

    achhi rachna.

    shubhkamnayen

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  19. धोखा खाकर निकले थे सनम
    धोखा खाने फिर आ गए ...
    उनकी गली का ये फरमान --
    हम फिर से धोखा खा गए

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  20. विशाल जी, काफी दिनों बाद आ रही हूँ आपके ब्लॉग पर, आपके ही ब्लॉग पर क्यों...अपने अलावा हर किसी ब्लॉगर दोस्त को बड़े ही दिनों बाद पढ़ा...लगा जैसे ज़िंदगी का एक बड़ा हिस्सा कहीं छूटा हुआ था, ज़रा सा मिल गया आज....अपने ब्लॉग पर भी बस आती हूँ, पोस्ट करती हूँ और चल देती हूँ.....कभी-कभी पता ही नहीं चलता कि जो बीत गया वो धोखा था या जो अभी चल रहा है वो धोखा है..धोखे की यह धुंध ज़िंदगी भर ज़िंदगी की सड़क पर अदृश्य होकर फैली रहती है....

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  21. बहुत ख़ूबसूरत गज़ल| बेहतरीन शेर|

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मंजिल न दे ,चिराग न दे , हौसला तो दे.
तिनके का ही सही, मगर आसरा तो दे.
मैंने ये कब कहा कि मेरे हक में हो जबाब
लेकिन खामोश क्यों है कोई फैसला तो दे.